एमसी मैरी कॉमTwitter / @ANI

छह बार की चैंपियन एमसी मैरी कॉम (51 किलो) महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे सफल मुक्केबाज बन गईं जिन्होंने सेमीफाइनल में पहुंचकर आठवां पदक पक्का कर लिया। मैरी के अलावा भारत की तीन अन्य मुक्केबाज भी अंतिम-4 में पहुंच गईं। पहली बार खेल रहीं मंजू रानी (48 किलो) , पिछले सीजन की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और तीसरी वरीयता प्राप्त लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) और जमुना बोरो (54 किलो) भी सेमीफाइनल में पहुंच गईं।

तीसरी वरीयता प्राप्त मैरी कॉम ने कोलंबिया की वालेंशिया विक्टोरिया को 5-0 से हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई। हरियाणा की रानी ने शीर्ष वरीयता प्राप्त और पिछले बार की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साउथ कोरिया की किम हयांग मि को 4-1 से मात दी।

वहीं असम राइफल्स की बोरो ने जर्मनी की उर्सुला गोटलोब को इसी अंतर से हराया। बोरगोहेन ने पोलैंड की छठी वरीयता प्राप्त कैरोलिना कोजेवस्का को 4-1 से मात दी।

जीत के बाद मैरी कॉम कहा, 'मेडल सुरक्षित करके मैं बहुत खुश हूं लेकिन फाइनल में पहुंचने से और खुशी होगी। यह मेरे लिए अच्छा मुकाबला था और अब मैं सेमीफाइनल में बेहतर प्रदर्शन करना चाहूंगी।'

सेमीफाइनल में शनिवार को उनका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त तुर्की की बुसेनाज साकिरोग्लू से होगा जो यूरोपीय चैंपियनशिप और यूरोपीय खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने चीन की केइ जोंग्जू को क्वॉर्टर फाइनल में हराया।

रानी का सामना अब थाइलैंड की सी रकसात से होगा जिसने पांचवीं वरीयता प्राप्त यूलियानोवा असेनोवा से होगा। वहीं बोरो शीर्ष वरीयता प्राप्त एशियाई खेलेां की पूर्व ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हुआंग सियाओ वेन से होगा। बोरगोहेन की टक्कर चीन की यांग लियू से होगी जिसने शीर्ष वरीयता प्राप्त चेन निएन चिन को मात दी। दो बार की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट कविता चहल (प्लस 81 किलो) हालांकि बेलारूस की कैटसियारिना कावालेवा से 0-5 से हार गईं।

मैरी कॉम ने संयम के साथ खेलते हुए अपने मौकों का इंतजार किया। उनका अनुभव उनकी सफलता की कुंजी साबित हुआ। उनके सीधे पंच काफी प्रभावी थे और उन्होंने विक्टोरिया के डिफेंस को भेद दिया। इस जीत के साथ मैरी कॉम ने टूर्नमेंट की सफलतम मुक्केबाज होने का अपना ही रेकॉर्ड तोड़ा।

पदकों की संख्या के आधार पर वह पुरुष और महिला दोनों में सबसे सफल हैं। पुरुष वर्ग में क्यूबा के फेलिक्स सावोन ने सर्वाधिक 7 मेडल जीते हैं। मैरी कॉम के नाम अभी तक छह स्वर्ण और एक रजत पदक है लेकिन वह 51 किलोवर्ग में पहली बार पदक जीतेंगी। पिछली बार वह क्वॉर्टर फाइनल में हार गई थीं।

मैरी कॉम ने ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडल (2012), पांच एशियाई खिताब, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण भी जीता है। इस साल उन्होंने गुवाहाटी में इंडिया ओपन और इंडोनेशिया में प्रेजिडेंट ओपन में स्वर्ण पदक जीता।

वह राज्यसभा सदस्य भी हैं। तीन बार की एशियाई पदक विजेता चहल का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। उनके समूह में कम प्रतियोगी होने के कारण उन्हें सीधे क्वॉर्टर फाइनल में प्रवेश मिला था।

साभार : यह लेख मूल रूप से समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया है। यह मूल लेख का हिंदी अनुवाद है।