-
ANI

फरीदाबाद के सूरजकुंड के दयाल बाग में एक ही परिवार के चार लोगों के आत्महत्या का मामला सामने आया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है. डेडबॉडी कई दिन से लटकी होने की वजह से बुरी हालत में थी. उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें किसी को मौत का जिम्मेदार नहीं बताया है.

जानकारी के अनुसार फरीदाबाद के सूरजकुंड के दयाल बाग में एक ही परिवार के चार लोगों ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली. मरने वालों में एक युवक और तीन युवतियां हैं. बताया जाता है कि घर में कोई भी कमाने वाला नहीं था, जिसके कारण परिवार काफी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. मरने वाले भाई-बहन बताए जा रहे हैं.

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्‍जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने घर से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आर्थिक तंगी की वजह से खुदकुशी करने की बात कही गई है. बताया जाता है कि पिता की पहले ही मौत चुकी है जबकि कुछ महीने पहले ही मां की भी मौत हो गई थी.

स्थानीय पुलिस अधिकारी का का कहना है कि रामबाग की अग्रवाल सोसाइटी में एक ईसाई परिवार के चार भाई-बहन रहते थे, जिनके नाम प्रदीप, मीना, नीना और जया है. उनके माता-पिता की मौत हो चुकी थी. पड़ोसियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उनके घर में कोई आवाजाही नहीं थी. शनिवार को उनके अपार्टमेंट से ज्यादा बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.

पुलिस व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तो घर चारों तरफ से बंद किया गया था. दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर देखा तो घर की गैलरी में दो बहनों ने फांसी का फंदा लगा रखा था. वहीं उनके भाई प्रदीप और एक बहन ने दो अलग-अलग कमरों में फांसी लगा रखी थी. गैलरी में से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है कि हम चार भाई-बहन परेशान हैं. मां की मौत के बाद हम नहीं रह सकते, इसलिए सुसाइड कर रहे हैं.