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ANI

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में हुई फायरिंग में करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत की खबर है. पहला हमला अल नूर मस्जिद में हुआ. क्राइस्टचर्च के उपनगरीय इलाके लिनवुड में भी एक मस्जिद में फायरिंग की खबरें हैं. मिली ख़बरों के अनुसार गोलीबारी के समय मस्जिद में बांग्लादेश क्रिकेट टीम नमाज अदा करने आई थी. फायरिंग के दौरान पूरी टीम ने पार्क के रास्ते भागकर जान बचाई. न्यूजीलैंड में मस्जिदों के दरवाजे बंद रखने का हुक्म दिया गया है. चार लोगों को हिरासत में लिया गया है.

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे न्यूजीलैंड के सबसे काले दिनों में से एक बताया. उन्होंने बताया कि नूर मस्जिद और लिनवुड मस्जिद में बंदूकधारी ने फायरिंग की है. न्यूजीलैंड में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. जिसने भी यह कृत्य किया है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के दौरान बांग्लादेश की क्रिकेट टीम वहीं पर थी. मस्जिद में गोलीबारी की जानकारी मिलते ही सभी खिलाड़ी बाकी लोगों के साथ किसी तरह मस्जिद से निकल आए. सभी को पास के पार्क के साथ वाले रास्ते से वापस ओवल मैदान की तरफ लाया गया. बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम इस वक्त न्यू जीलैंड दौरे पर है.

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि हमलावर की बंदूक पर दो नाम लिखे थे- 'एलेक्जेंडर बिसोनेट' और 'लुका ट्रिनी'. यह दोनों इटली और कनाडा के मस्जिद पर हमला करने वाले हमलावर थे. क्राइस्टचर्च की मेयर लियने दलजिल ने कहा कि मैं शब्दों में इस घटना को बयां नहीं कर सकती हूं. मैंने कभी भी नहां सोचा था कि क्राइस्टचर्च या न्यूजीलैंड में ऐसी कोई घटना होगी. हम हैरान हैं.

न्यूजीलैंड हेराल्ड के मुताबिक, हमलावर ने सेना की वर्दी पहन रखी थी और उसने दो मैगजीन गोली फायर किया. उसने इसका लाइव वीडियो भी बनाया. हमले से पहले उसने 37 पन्नों का एक मेनिफेस्टो भी जारी किया था. इस मेनिफेस्टो में हमलावर ने लिखा, मैं मुस्लिमों से घृणा नहीं करता हूं, लेकिन उन मुस्लिमों से घृणा करता हूं जो हमारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और धर्म परिवर्तन कर रहे हैं.'

मस्जिद में फायरिंग के प्रत्यक्षदर्शी इदरीश खैरुद्दीन (14 साल) ने बताया कि जैसे ही नमाज शुरू हुई, तैसे मैंने फायरिंग की आवाज सुनी. पहले मुझे लगा कि कुछ निर्माण काम चल रहा है, उसकी आवाज है, लेकिन थोड़ी देर बाद लोग भाग रहे थे और चिल्ला रहे थे. हिलमॉर्टन हाई स्कूल में पढ़ने वाले इदरीश ने बताया कि उसके चाचा तमीजी को भी गोली लगी. जब फायरिंग हो रही थी, तब वह दरवाजे के पास बैठा था. मैं चुपके से हागले पार्क में भागने में कामयाब हुआ. इदरीस और उसके चाचा दोनों मलेशियाई हैं और क्राइस्टचर्च के रहने वाले थे.

न्यूजीलैंड की मीडिया के मुताबिक, क्राइस्टचर्च के मस्जिदों में फायरिंग का बंदूकधारी ने 17 मिनट तक लाइव वीडियो बनाया. बंदूकधारी की पहचान ब्रेंटन टैरंट के रूप में हुई है. 28 वर्षीय ब्रेंटन टैरंट ऑस्ट्रेलिया का रहने वाला है. बंदूकधारी ने पहले डीन एवेन्यू में अल नूर मस्जिद के पास अपनी कार पार्क की. इसे बाद उसने बंदूक निकाला और मस्जिद में घुसते ही अंधाधुंध फायरिंग करने लगा. बताया जा रहा है कि वह आर्मी ड्रेस पहना था और उसने करीब दो मैगजीन फायरिंग की. उसकी गाड़ी में कई और हथियार पड़े हुए थे.