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एमसीसी वर्ल्ड क्रिकेट कमिटी ने लंबे फॉर्मेट को दिलचस्प बनाने के लिए कुछ प्रस्ताव दिए हैं जिसमें समय बर्बाद होने से रोकने के लिए 'शॉट क्लॉक' लगाया जाना, शुरुआती वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए मानक गेंद का इस्तेमाल और नो-बॉल के लिए फ्री हिट जैसी सिफारिशें शामिल हैं।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक गैटिंग की अध्यक्षता वाली कमिटी ने पिछले हफ्ते बेंगलुरु में हुई बैठक में टेस्ट क्रिकेट के लिए कुछ बदलावों का सुझाव दिया है। इस कमिटी में पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली भी शामिल हैं।

इन प्रस्तावों को मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने अपनी वेबसाइट पर लगाया है। टेस्ट में स्लो ओवर रेट नियमित प्रक्रिया है जिससे प्रशंसक खेल से थोड़ा दूर हो रहे हैं, इसलिए 'शॉट क्लॉक' आरंभ करने की जरूरत व्यक्त की। एमसीसी ने कहा, 'प्रशंसकों से टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की कम हिस्सेदारी के मुख्य कारकों को पूछा गया तो 25 प्रतिशत प्रशंसकों ने धीमी ओवर गति का जिक्र किया।

स्कोरबोर्ड पर एक काउंटडाउन लगा होगा जो अंपायर द्वारा ओवर खत्म किए जाने की घोषणा के साथ 45 सेकंड की उलटी गिनती शुरू कर देगा। नए बल्लेबाज के स्ट्राइक पर आने के लिए यह गिनती 60 सेकंड की होगी और नए बोलर के अटैक पर आने के लिए 80 सेकंड का समय होगा।

समिति की बैठक में पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली, टिम मे, विंसे वान डेर बिज, शाकिब अल हसन, शेन वॉर्न और कुमार संगकारा भी शामिल थे। समिति ने पाया कि सीमित ओवरों की क्रिकेट में नो-बॉल करने पर फ्री हिट सफल रही है और टेस्ट क्रिकेट में भी नो बाल को खत्म करने के लिए इसे आजमाया जाना चाहिए।

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वॉर्न ने बताया कि फ्री हिट क्रिकेट के लंबे प्रारूप के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वॉर्न ने कहा, 'यह (नो-बॉल पर फ्री हिट) टी20 और वनडे मैचों के लिए है तो टेस्ट क्रिकेट में क्यों नहीं? यह वास्तव में नो-बॉल को रोकने में मदद करता है। उदाहरण के रूप में देखे तो इंग्लैंड ने 3 साल बाद पहली बार वनडे में अपनी पहली नो-बॉल फेंकी, गेंदबाज इसके प्रति सतर्क रहता है क्योंकि इस पर फ्री हिट मिलती है।'

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इससे टेस्ट क्रिकेट में भी नो-बॉल की संख्या में कमी लाने में मदद मिल सकती है। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा बदलाव है और आईसीसी से इसकी सिफारिश है। उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार कर लेंगे।'