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Associated Press

ईरानी पुलिस और सुरक्षा बलों ने यूक्रेन के विमान को मार गिराने की बात से शुरू में इस्लामिक गणराज्य द्वारा इनकार करने के विरुद्ध जुटे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलायीं और आंसू गैस के गोले दागे। इस घटना से संबंधित कथित वीडियो सोमवार को सामने आये।

वैसे ईरान की सरकारी मीडिया ने तेहरान के आजादी या फ्रीडम चौक पर रविवार की रात को हुई इस घटना पर फिलहाल कोई खबर नहीं दी है। लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन पहले ही ईरान से लोगों को देश के संविधान के अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने देने का आह्वान कर चुके हैं।

न्यूयार्क के सेंटर फोर ह्यूमन राइट्स इन ईरान के कार्यकारी निदेशक हादी गईम ने कहा, ''बहुत कम समय में कई राष्ट्रीय सदमों के बाद लोगों को सुरक्षित ढंग से शोक मनाने और जवाबदेही की मांग करने देना चाहिए। ईरानियों को शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने के अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए अपनी जान दांव पर नहीं लगाना पड़े।''

इस सेंटर को भेजे गये और बाद में एपी के सत्यापन से गुजरे वीडियो में आंसू गैस से भाग रहे प्रदर्शनकारियों की भीड़ नजर आ रही है। एक वीडियो में आंसू गैस के गोले से बचने की कोशिश कर रहे लोग खांस रहे हैं और थूक रहे हैं। उसमें एक महिला फारसी जुबान में कहती हुई नजर आ रही है, ''उन्होंने लोगों पर आंसू गैस के गोले दागे। आजादी स्क्वायर। तानाशाह मुर्दाबाद।''

एक अन्य वीडियो में एक महिला को ले जाया जा रहा है और नीचे जमीन पर खून के छींटे नजर आ रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि इस महिला के आसपास लोग चिल्ला रहे हैं कि उसके पैर में गोली मार दी गयी। इस वीडियो में एक व्यक्ति चिल्लाता हुआ नजर आ रहा है, ''उसका खून लगातार बह रहा है।'' वीडियो में एक अन्य व्यक्ति यह कहता हुआ नजर आ रहा है, 'पट्टी करो।'' इस घटना के फोटो और वीडियो में सड़कों पर खून दिख रहा है।

रविवार को वली-ए-अस्र स्क्वायर, तेहरान विश्वविद्यालय एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर दंगारोधी पुलिस काली वर्दी और हेल्मेट पहनकर पहुंच गये थे। रिवोल्युशनरी गार्ड के सदस्यों ने मोटरसाइकिलों पर शहर में गश्त लगायी। सादे कपड़ों में अन्य सुरक्षाकर्मी भी तैनात थे। लोग जब पुलिस के सामने से गुजर रहे थे तो वे रास्ता बदल लेते थे ताकि पुलिस का ध्यान उन पर नहीं पड़े।

बुधवार को यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उस पर सवार 176 लोगों की जान चली गयी थी जिनमें ज्यादातर ईरानी और ईरानी मूल के कनाडाई थे। ईरान ने शुरू में तकनीकी गड़बड़ी की ओर इशारा किया और तीन दिन तक कहा कि इस घटना के लिए ईरानी सशस्त्र बल जिम्मेदार नहीं हैं। जब सबूत सामने आने लगे और पश्चिमी नेता आरोप लगाने लगे तब ईरान ने शनिवार को मान लिया कि उसने गलती से इस विमान को मार गिराया।

ईरान ने इराक में बुधवार को अमेरिकी सैन्यबलों के दो अड्डों पर मिसाइलें दागी थीं। उसने अपने सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के अमेरिकी हमले के मारे जाने के बाद यह कदम उठाया था। ईरान को मिसाइल हमले के बाद अमेरिका द्वारा बदले की कार्रवाई का डर था और उसने भूलवश यूक्रेन के विमान को निशाना बना डाला।

साभार : यह लेख मूल रूप से समाचार एजेंसी एपी द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया है. यह मूल लेख का हिंदी अनुवाद है.