स्वयंभू बाबा नित्यानंद
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स्वयंभू बाबा नित्यानंद को अहमदाबाद स्थित उसके आश्रम के लिए अनुयायियों से चंदा एकत्र करने की खातिर बच्चों को कथित रूप से अगवा कर कैद में रखने के लिए गुजरात पुलिस तलाश कर रही है, और इसी समय Kailaasa.org नामक वेबसाइट सामने आई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि नित्यानंद ने अपने नए देश की स्थापना कर दी है, जिसके लिए उसने नया ध्वज, नया संविधान तथा नया प्रतीक चिह्न भी तय कर लिया है.

वेबसाइट के अनुसार, भगोड़े स्वयंभू बाबा नित्यानंद ने 'हिन्दू संप्रभु राष्ट्र' की घोषणा की है, और उनके पास अपने तथाकथित 'कैलासा' देश के लिए प्रधानमंत्री तथा मंत्रिमंडल भी है. समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, वेबसाइट में देश के लिए चंदा देने का आह्वान भी किया गया है, जिसके ज़रिये चंदा देने वाले 'महानतम हिन्दू राष्ट्र' की नागरिकता पाने का अवसर हासिल कर सकते हैं.

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस वेबसाइट को 21 अक्टूबर, 2018 को बनाया गया था, और इसे आखिरी बार 10 अक्टूबर, 2019 को अपडेट किया गया था. वेबसाइट का रजिस्ट्रेशन पनामा में किया गया था, और इसका IP अमेरिका के डलास में स्थित है.

बहरहाल, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह तथाकथित देश 'कैलासा' किस स्थान पर है, लेकिन वेबसाइट के अनुसार, 'कैलासा सीमारहित राष्ट्र है, जिसका निर्माण दुनियाभर में बेदखल कर दिए गए उन हिन्दुओं ने किया है, जो अपने-अपने देश में प्रामाणिक रूप से हिन्दुत्व का पालन करने का अधिकार गंवा चुके हैं...'

वेबसाइट में कहा गया है, "कैलासा अभियान की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई, और इसकी अगुवाई वही हिन्दू आदि शैव अल्पसंख्यक समुदाय कर रहा है, जिसके लिए इसकी स्थापना हुई है, और यह समूची दुनिया के सताए हुए हिन्दुओं और हिन्दू बनने के इच्छुक लोगों के लिए सुरक्षित स्थान है, चाहे उनकी नस्ल, लिंग, समुदाय, जाति और पंथ कुछ भी हो, जहां वे शांति से रह सकते हैं, और निंदा, हस्तक्षेप व हिंसा से मुक्त रहते हुए अपनी आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति को अभिव्यक्त कर सकते हैं..."

वेबसाइट के मुताबिक, इस हिन्दू राष्ट्र का अपना ध्वज भी है, जिसे 'ऋषभ ध्वज' के रूप में जाना जाता है, जिसमें भगवान शिव के वाहन नंदी के साथ स्वयं नित्यानंद भी मौजूद है. 'कैलाश' में कई सरकारी विभाग भी होंगे, जिनमें शिक्षा, वित्त, वाणिज्य आदि शामिल हैं. इनके अलावा 'कैलासा' में एक 'प्रबुद्ध नागरिकता विभाग' भी होगा, जो सनातन हिन्दू धर्म को पुनरुज्जीवित करने की दिशा में काम करेगा.

यह तथाकथित 'देश' अंततः 'धार्मिक अर्थव्यवस्था' लागू करने का दावा करता है, तथा इसमें हिन्दू निवेश एवं रिज़र्व बैंक भी होगा, जहां क्रिप्टोकरेंसी भी स्वीकार की जाएगी.

वेबसाइट में यह दावा भी किया गया है कि 'कैलासा' का अपना पासपोर्ट भी होगा, और कोई भी देश की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है.

वेबसाइट में बताया गया है, "नागरिकों को कैलासा का पासपोर्ट दिया जाएगा, और परमशिव की कृपा से पासपोर्टधारक कैलाश सहित सभी 11 दिशाओं तथा 14 लोकों में निर्बाध प्रवेश पा सकेगा..."

गुजरात पुलिस की ओर से नित्यानंद को ढूंढने की कोशिश तो की जा रही है, लेकिन सूत्रों की मानें तो अभी तक इंटरपोल से संपर्क नहीं किया गया है. देश से भागकर नित्यानंद ने इस हिंदू राष्ट्र को बनाया है. नित्यानंद के इस देश का अपना पासपोर्ट, झंडा, सरकारी डिपार्टमेंट, स्कूल, सबकुछ हैं.

इसके साथ ही हिंदू राष्ट्र, हिंदू धर्म और उससे जुड़ी कई बातों को वेबसाइट पर उतारा गया है. गौरतलब है कि स्वयंभू बाबा नित्यानंद पर कर्नाटक में रेप और किडनैपिंग का केस दर्ज है, तो वहीं गुजरात में उत्पीड़न को लेकर केस दर्ज हैं.

साभार : यह लेख मूल रूप से समाचार एजेंसी आईएएनएस द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया है. यह मूल लेख का हिंदी अनुवाद है.